31 अक्तूबर तक निर्माण पूरा कराने के निर्देश, 61 विद्यार्थियों का हो चुका है नामांकन
कसया। अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थली कुशीनगर में रामाभार स्तूप के समीप निर्माणाधीन महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का बुधवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षाओं, पुस्तकालय और सम्मेलन कक्ष का जायजा लिया। आर्किटेक्ट की ओर से तैयार डिजाइन में मिली कुछ कमियों पर आपत्ति जताते हुए उन्हें दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
कृषि मंत्री ने प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रस्तावित फर्नीचर और डिजाइन की जानकारी ली। अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए गुणवत्ता बनाए रखने के साथ काम में तेजी लाने को कहा। उन्होंने 31 अक्तूबर तक निर्माण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।

विश्वविद्यालय में अब तक 61 विद्यार्थियों का नामांकन हो चुका है। फिलहाल इन विद्यार्थियों की कक्षाएं आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या में संचालित हो रही हैं। परिसर का निर्माण पूरा होने के बाद कक्षाएं कुशीनगर में शुरू करने की तैयारी है।
निरीक्षण के दौरान निदेशक प्रशासन एवं प्रवीक्षण प्रो. डॉ. सुशांत श्रीवास्तव, सीडीओ वंदिता श्रीवास्तव, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जी. अक्षय दीपक, तहसीलदार धर्मवीर सिंह, सीओ अजय सिंह, एसओ इत्यानंद पांडेय, पूर्व चेयरमैन कृष्ण कुमार, राकेश जायसवाल, मार्कंडेय शाही, पीएन सिंह, केशव सिंह और प्रोजेक्ट मैनेजर मौजूद रहे।
किसानों के मुद्दे पर अखिलेश पर साधा निशाना
कृषि विश्वविद्यालय के निरीक्षण के दौरान पत्रकारों के सवालों के जवाब में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर किसानों के मुद्दे को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव आज किसानों को 24 से 48 घंटे में भुगतान की बात कर रहे हैं, जबकि उनकी सरकार के समय किसान भुगतान के लिए परेशान रहे।
शाही ने कहा कि योगी सरकार में किसानों को नियमित भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अप्रैल 2017 से फरवरी 2025 तक गन्ना किसानों को 3.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया।
उन्होंने गन्ने के क्षेत्रफल और उत्पादकता में वृद्धि का भी दावा किया। उनके अनुसार, गन्ने का क्षेत्रफल 20.54 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 28.61 लाख हेक्टेयर और उत्पादकता 72 टन से बढ़कर 83.25 टन प्रति हेक्टेयर हुई है।
उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों के खातों में सीधे सहायता राशि भेजे जाने तथा बागवानी और निर्यात में वृद्धि का भी दावा किया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों और जाटों के मुद्दे पर उन्होंने अखिलेश यादव से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा और चौधरी चरण सिंह का भी जिक्र किया।









