निचलौल में जाति प्रमाण-पत्रों पर उठे सवाल, शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच की मांग

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वर्ष 2022 से कथित अनियमितता का आरोप, शिकायतकर्ता ने निष्पक्ष सत्यापन और कार्रवाई की मांग की

महराजगंज/निचलौल। निचलौल तहसील एवं विकासखंड क्षेत्र में कुछ व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से गलत तरीके से अनुसूचित जाति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सरकारी सेवा में लाभ लेने का आरोप सामने आया है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से प्रमाण-पत्रों और नियुक्ति अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कहार, कुम्हार, कमकर, भुर्जी और भूजा समुदाय से संबंधित कुछ व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से अनुसूचित जाति प्रमाण-पत्र का इस्तेमाल कर सरकारी नौकरी प्राप्त की गई है। शिकायतकर्ता ने विशेष रूप से निचलौल क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत कुछ शिक्षकों के जाति प्रमाण-पत्र और नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों के सत्यापन की मांग उठाई है।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, कथित अनियमितता का मामला वर्ष **2022 से** चल रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और किसी व्यक्ति के विरुद्ध आरोप को जांच के निष्कर्ष से पहले प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।

शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी महराजगंज तथा संबंधित सक्षम अधिकारियों से मांग की है कि वर्ष 2022 से अब तक संबंधित अनुसूचित जाति प्रमाण-पत्रों का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सत्यापन कराया जाए। साथ ही, संबंधित शिक्षकों के जाति प्रमाण-पत्र, नियुक्ति अभिलेख और आरक्षण संबंधी दस्तावेजों की भी नियमानुसार जांच की जाए।

जांच में यदि कोई प्रमाण-पत्र नियमों के विपरीत या गलत तरीके से जारी होना पाया जाता है, तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।

फिलहाल मामले में
आधिकारिक जांच रिपोर्ट या सक्षम प्राधिकारी का अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी वास्तविकता है।

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