महराजगंज। हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को हृदय रोगों के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। बदलती जीवनशैली में कम शारीरिक गतिविधि, असंतुलित खान-पान, बढ़ता तनाव, धूम्रपान और तंबाकू का सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए जोखिम बढ़ा सकता है।
हृदय रोगों का खतरा अब केवल अधिक उम्र के लोगों तक सीमित नहीं माना जाता। युवाओं में भी अनियमित दिनचर्या, लंबे समय तक बैठे रहना, अधिक वजन, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल चिंता का विषय हैं।
प्रमिला होमियो क्लिनिक एंड रिसर्च सेंटर के डॉ. हेमंत श्रीवास्तव ने कहा कि हृदय को स्वस्थ रखने के लिए बीमारी का इंतजार करने के बजाय बचाव पर ध्यान देना जरूरी है। नियमित स्वास्थ्य जांच और रोजमर्रा की आदतों में छोटे बदलाव लंबे समय में लाभकारी हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और संतुलित आहार को प्राथमिकता देनी चाहिए। नमक, अत्यधिक चीनी और तले-भुने खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करना चाहिए। अपनी क्षमता के अनुसार नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित करना भी जरूरी है।
डॉ. श्रीवास्तव के अनुसार, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की समय-समय पर जांच कराना महत्वपूर्ण है। कई बार ये समस्याएं शुरुआती दौर में बिना स्पष्ट लक्षण के भी मौजूद रह सकती हैं।
उन्होंने कहा कि धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाना हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। सीने में दर्द या दबाव, सांस फूलना, अचानक अत्यधिक पसीना, चक्कर या असामान्य कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
विश्व हृदय दिवस केवल एक दिन जागरूकता का अवसर नहीं, बल्कि जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत का संदेश है। दिल को स्वस्थ रखने के लिए रोज की छोटी-छोटी अच्छी आदतें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।









