स्कूल में बेहोश हुई 13 वर्षीय छात्रा की मौत, कब्र से निकाला गया शव

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कुशीनगर। रामकोला लक्ष्मीगंज क्षेत्र के रामपुर भाठ गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा के दौरान अचानक बेहोश होकर गिरी 13 वर्षीय छात्रा नेहा भारती की मौत के मामले में शुक्रवार को प्रशासन ने शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की। छात्रा की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट करने के लिए मजिस्ट्रेट के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है। हालांकि, परिजनों की ओर से पहले पोस्टमार्टम के लिए सहमति नहीं दिए जाने के बाद छात्रा का अंतिम संस्कार किया जा चुका था।

अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। रामपुर भाठ गांव निवासी राजाराम भारती की 13 वर्षीय पुत्री नेहा भारती प्राथमिक विद्यालय रामपुर भाठ में पढ़ती थी। बुधवार को विद्यालय में कक्षा चलने के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गई। छात्रा के गिरते ही विद्यालय में अफरा-तफरी मच गई। उसे पहले स्थानीय चिकित्सक के पास ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर रामकोला स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नेहा दो बहनों में बड़ी थी और उसके दो छोटे भाई हैं। उसके पिता राजाराम भारती मजदूरी के सिलसिले में मुंबई में रहते हैं। बेटी की अचानक मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

पहले पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं हुए थे परिजन

घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से छात्रा के शव का पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। बताया गया कि उपजिलाधिकारी खड्डा शंतराज सिंह की ओर से मौत का कारण स्पष्ट करने के लिए पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया गया था, लेकिन उस समय परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका और परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।
अब मामले में उठ रहे सवालों और मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट करने के लिए मजिस्ट्रेट के निर्देश पर शुक्रवार को शव को कब्र से निकलवाया गया। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।

प्रधानाध्यापक पहले ही निलंबित

मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक योगेंद्र श्रीवास्तव को पहले ही निलंबित कर दिया था। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी रजनीश द्विवेदी से मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई है। घटना के बाद विद्यालय की व्यवस्थाओं और प्रधानाध्यापक की उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठे। ग्रामीणों और कुछ छात्रों की ओर से आरोप लगाया गया कि प्रधानाध्यापक लंबे समय से विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं हो रहे थे। यह भी आरोप लगाया गया कि उनकी अनुपस्थिति में निजी शिक्षिका बेबी राय के माध्यम से शिक्षण कार्य कराया जा रहा था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और विभागीय जांच में इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

गैरहाजिरी पर प्रधानाध्यापक ने दिया अलग पक्ष

विद्यालय से अनुपस्थित रहने के आरोपों पर प्रभारी प्रधानाध्यापक योगेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि वह विद्यालय प्रबंध समिति का खाता खुलवाने के लिए बैंक गए थे। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी रजनीश द्विवेदी की ओर से बताया गया कि छात्रा नेहा पिछले पांच-छह दिनों से बुखार से पीड़ित थी। हालांकि, छात्रा की मौत और उसकी तबीयत को लेकर सामने आए इन अलग-अलग दावों की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।

विद्यालय की व्यवस्थाएं भी जांच के घेरे में

छात्रा की मौत के बाद विद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल उठे हैं। प्रधानाध्यापक की उपस्थिति, विद्यालय में शिक्षण कार्य की व्यवस्था, छात्रा की तबीयत की जानकारी और घटना के समय विद्यालय स्तर से की गई कार्रवाई समेत कई बिंदुओं की जांच की जा रही है। मामले में यह भी आरोप सामने आया है कि कुछ लोगों ने परिजनों को कथित रूप से लालच देकर पोस्टमार्टम नहीं कराने के लिए तैयार करने का प्रयास किया। हालांकि, इस आरोप की भी अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के दौरान ऐसे सभी आरोपों और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल किए जाने की बात कही गई है।

मौके पर पहुंचे अधिकारी

घटना की सूचना के बाद रामकोला थाना प्रभारी चंद्रभान सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। खड्डा एसडीएम शांतराज सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों से जानकारी ली थी। प्रशासन की ओर से मौत के कारण का पता लगाने और पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की बात कही गई है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

फिलहाल छात्रा की मौत को लेकर कई सवाल अनुत्तरित हैं। क्या छात्रा पहले से बीमार थी, विद्यालय में अचानक उसकी तबीयत क्यों बिगड़ी और मौत की वास्तविक वजह क्या थी,इन सभी सवालों का जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

 

साजिद अंसारी पड़रौना

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