पटना। गर्दनीबाग पहुंचे सांसद पप्पू यादव ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान शिक्षा व्यवस्था और छात्रों की समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गलत तरीके से कॉपियां जांचे जाने के कारण बच्चों को फेल किया जा रहा है और कई छात्रों का शैक्षणिक सत्र वर्षों तक प्रभावित हो रहा है।
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि एक साल में दो-दो बार परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, जबकि कई छात्रों का सत्र तीन साल तक विलंबित हो जाता है। उन्होंने फीस के नाम पर छात्रों से हजारों रुपये वसूले जाने का भी आरोप लगाया और विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार तथा कुलपति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
उन्होंने पीजी परीक्षा का उदाहरण देते हुए कहा कि परीक्षा में सिलेबस से बाहर के प्रश्न पूछे जाने की शिकायत सामने आई। छात्रों के विरोध के बाद परीक्षा करीब तीन घंटे के लिए टालनी पड़ी और बाद में नया प्रश्नपत्र छपवाकर परीक्षा कराई गई। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय की व्यवस्था पर गंभीर सवाल बताया।
पप्पू यादव ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ छात्रों से पास कराने के नाम पर पैसे मांगे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में 60 हजार रुपये तक मांगे जाने की बात कही जा रही है। वहीं, प्राइवेट छात्रों से कथित तौर पर तीन लाख रुपये लिए जाने जैसी शिकायतों का भी उन्होंने जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कथित अनियमितताओं और अव्यवस्था का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। पप्पू यादव ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका समाधान कराने की मांग की।
नोट: फीस वसूली, पैसे लेकर पास कराने और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के आरोप पप्पू यादव द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
रिपोर्ट: रमण कुमार, पटना









