महराजगंज। नौतनवा कस्टम विभाग की कार्रवाई को लेकर एक कबाड़ कारोबारी की शिकायत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारी ने कस्टम अधिकारियों पर ट्रक रोकने, डंपिंग ग्राउंड में माल उतरवाने, डेढ़ लाख रुपये मांगने और मारपीट व गाली-गलौज करने के आरोप लगाए हैं। वहीं कस्टम अधिकारियों का कहना है कि ट्रक में नेपाल से लाया गया प्लास्टिक स्क्रैप मौजूद था और कार्रवाई के दौरान कस्टम द्वारा नीलाम कराया गया कुछ माल भी उतरवाया गया था। दोनों पक्षों के दावों में अंतर के बाद अब मामले की जांच की बात कही गई है।
नौतनवा निवासी कबाड़ कारोबारी महेश कुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री समेत वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि 19 सितंबर की रात करीब नौ बजे कस्टम अधिकारियों ने नौतनवा बाईपास के पास एक कंटेनर ट्रक को रोककर उसे कुन्सेरवा बाईपास स्थित उनके डंपिंग ग्राउंड पर पहुंचाया। व्यापारी का दावा है कि ट्रक में कस्टम विभाग से नीलामी के माध्यम से खरीदा गया प्लास्टिक कबाड़ था, जिसे अधिकारियों ने उतरवा दिया।
व्यापारी ने आरोप लगाया कि मामले को रफा-दफा करने के लिए डेढ़ लाख रुपये की मांग की गई। रकम उपलब्ध नहीं होने पर अगले दिन डंपिंग ग्राउंड में रखे प्लास्टिक स्क्रैप को दोबारा ट्रक में लोड कराया गया। इस दौरान का वीडियो भी सामने आने की बात कही गई है। व्यापारी ने मोबाइल से वीडियो बनाने पर चालक का फोन लेकर वीडियो डिलीट करने का भी आरोप लगाया।
वहीं कस्टम अधिकारियों का पक्ष इससे अलग है। उनका कहना है कि ट्रक में पहले से नेपाल से लाया गया प्लास्टिक स्क्रैप था, जबकि कार्रवाई के दौरान कस्टम द्वारा नीलाम कराया गया कुछ माल अलग से उतरवाया गया था।
सहायक आयुक्त कस्टम सुधीर त्यागी ने शिकायत को बिना जांच के निराधार बताया, लेकिन भाजपा नेता जितेंद्र जायसवाल की शिकायत पर जांच कराने की बात कही। मुख्य आयुक्त सीमा शुल्क, लखनऊ मयंक शर्मा ने कहा कि मामला संज्ञान में है और विधिवत गहन जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर विधिक कार्रवाई होगी।
अब जांच में ट्रक के माल के स्रोत, नीलामी के दस्तावेज, कार्रवाई की रिपोर्ट, वीडियो साक्ष्य और लगाए गए आरोपों की सत्यता स्पष्ट होना बाकी है।









