कुशीनगर। मोबाइल फोन चोरी करने के बाद उसका लॉक तोड़कर उसमें दर्ज सिम और अन्य डेटा का इस्तेमाल कर बैंक खाते और यूपीआई तक पहुंच बनाने वाले साइबर ठगों के गिरोह का कुशीनगर पुलिस ने खुलासा किया है। थाना साइबर क्राइम और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी चोरी किए गए मोबाइल फोन के जरिए यूपीआई पिन रीसेट कर फ्लिपकार्ट समेत अन्य वेबसाइटों से करीब 8 लाख 70 हजार रुपये की ऑनलाइन खरीदारी करते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 8.50 लाख रुपये कीमत का खरीदा गया सामान, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी सदर डॉ. राकेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में CY-VAJRA-02 अभियान के तहत 15 सितंबर को की गई। संयुक्त टीम ने थाना साइबर क्राइम में दर्ज मुकदमा संख्या 14/2026 से संबंधित साइबर ठगी की घटना का अनावरण करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
मोबाइल चोरी के बाद ऐसे करते थे ठगी
पूछताछ में पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि वे पहले मोबाइल फोन चोरी करते थे। इसके बाद चोरी किए गए फोन का लॉक तोड़कर उसे रीसेट और फॉर्मेट कर देते थे। मोबाइल को दोबारा चालू करने के बाद उसमें लगे सिम कार्ड नंबर का इस्तेमाल कर जीमेल आईडी और अन्य आवश्यक डेटा हासिल करने का प्रयास करते थे। इसके बाद प्राप्त डेटा की मदद से यूपीआई पिन रीसेट कर बैंक खाते में उपलब्ध रकम की जानकारी लेते थे।बैंक खाते तक पहुंच मिलने के बाद आरोपी फ्लिपकार्ट और अन्य ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइटों से महंगे सामान की खरीदारी करते थे। सामान की डिलीवरी के लिए फर्जी पते का इस्तेमाल किया जाता था। डिलीवरी मिलने के बाद सामान को बाजार में बेचकर रकम हासिल करते थे या कुछ सामान खुद इस्तेमाल कर लेते थे।
तीन आईफोन और दो सैमसंग एस-26 अल्ट्रा बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनमें तीन आईफोन, दो सैमसंग गैलेक्सी एस-26 अल्ट्रा, एक नथिंग मोबाइल और एक मोटोरोला मोबाइल शामिल हैं। इसके अलावा तीन पावर बैंक, एक ईयरबड्स, तीन आयरन प्रेस, दो इंडक्शन, एक सैंडविच मेकर, एक सीलिंग फैन, एक मिक्सर ग्राइंडर, दो रेडबुल एनर्जी ड्रिंक और पांच कैडबरी सेलिब्रेशन चॉकलेट बरामद की गई हैं। पुलिस के अनुसार बरामद ऑनलाइन खरीदे गए सामान की कुल कीमत करीब 8 लाख 50 हजार रुपये है। जामा तलाशी में 800 रुपये नकद और दो एंड्रायड मोबाइल फोन भी मिले हैं।
दोनों आरोपी विशुनपुरा क्षेत्र के रहने वाले
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इरशाद अंसारी पुत्र सिकन्दर अंसारी, निवासी जंगल लाला छपरा सोहनपुर, थाना विशुनपुरा तथा अर्जुन कुमार रजक पुत्र दिलीप कुमार रजक, निवासी जंगल लाला छपरा दुबौली बाजार, थाना विशुनपुरा, कुशीनगर के रूप में हुई है। इस मामले में थाना साइबर क्राइम में धारा 303(2) बीएनएस और 66सी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था। विवेचना के दौरान धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है।
इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
कार्रवाई करने वाली टीम में साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक मनमोहन मिश्रा, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक सुनील कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल विजय कुमार चौधरी, कांस्टेबल अखिलेश कुमार गुप्ता, अमित कुमार गुप्ता, प्रशान्त कुमार मिश्रा और थाना साइबर क्राइम के कांस्टेबल प्रदीप कुमार यादव शामिल रहे।
मोबाइल चोरी होते ही खाते सुरक्षित करें
कुशीनगर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन चोरी या गुम होने की स्थिति में तत्काल मोबाइल नंबर से जुड़े बैंक, यूपीआई, ई-मेल और सोशल मीडिया खातों को सुरक्षित करें। चोरी हुए मोबाइल की सूचना नजदीकी थाने में दर्ज कराने के साथ CEIR पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराएं और चोरी हुए नंबर को तत्काल ब्लॉक कराकर नया सिम प्राप्त करें। पुलिस का कहना है कि जितनी जल्दी ये कदम उठाए जाएंगे, उतनी ही तेजी से व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी को सुरक्षित किया जा सकेगा तथा पुलिस के लिए अपराधियों तक पहुंचना आसान होगा।
साजिद अंसारी पड़रौना









