अरब सागर में भारतीय युद्धपोत से टकराया पाकिस्तानी जहाज पीएनएस हुनैन, भारत ने जताया कड़ा विरोध

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2600 टन के पीएनएस हुनैन ने मारी टक्कर वाली यह घटना भारत-पाकिस्तान समुद्री सीमा पर एक नया तनाव खड़ा कर गई है। 15 सितंबर 2026 की शाम उत्तरी अरब सागर में पाकिस्तान नौसेना के जहाज पीएनएस हुनैन ने तेज रफ्तार से, असुरक्षित और गैर-पेशेवर तरीके से भारतीय नौसेना के एक फ्रंटलाइन युद्धपोत के करीब आकर उससे टक्कर मार दी। भारतीय जहाज उस समय नियमित निगरानी मिशन पर था।

टक्कर में क्या हुआ नुकसान

टक्कर हुई लेकिन भारतीय नौसेना के अनुसार उनके वॉरशिप को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा। हालांकि पीएनएस हुनैन ने मारी टक्कर की इस घटना में पाकिस्तानी जहाज को गंभीर नुकसान पहुंचा, और वह बंदरगाह की ओर वापस लौट गया। भारतीय कप्तान ने पूरी घटना के दौरान अत्यधिक संयम बरता, जिससे एक बड़ा हादसा टलने के साथ-साथ जान-माल का भारी नुकसान भी होने से बच गया।

भारत ने जताया कड़ा कूटनीतिक विरोध

भारत सरकार ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के चार्ज द अफेयर्स को विदेश मंत्रालय बुलाकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। भारत ने इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग को भी वहां विरोध दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने इस पूरे मामले की जानकारी सीडीएस जनरल एनएस राजासुब्रमणि को दी है।

1991 के समझौते का उल्लंघन बताया भारत ने

भारत का कहना है कि पाकिस्तानी जहाज ने 1991 के भारत-पाकिस्तान समझौते की धारा 10 का सीधा उल्लंघन किया है। इस समझौते में साफ प्रावधान है कि सैन्य अभ्यास और पैंतरेबाजी की अग्रिम सूचना दी जानी चाहिए और पूरी सावधानी बरती जानी चाहिए।

आखिर क्या है पीएनएस हुनैन

पीएनएस हुनैन (एफ-273) पाकिस्तान नौसेना का यारमूक क्लास बैच-2 ऑफशोर पेट्रोल कॉर्वेट है, जिसे रोमानिया के डेमन शिपयार्ड्स में बनाया गया है। यह जहाज जुलाई 2024 में पाकिस्तानी नौसेना में शामिल हुआ था। बैच-2 वाले जहाज पहले बैच की तुलना में आकार और क्षमता दोनों में बड़े माने जाते हैं।

जहाज की तकनीकी खासियतें

पीएनएस हुनैन का वजन करीब 2600 टन है, और इसकी लंबाई 95.8 से 98 मीटर के बीच है। इसमें चार कैटरपिलर डीजल इंजन लगे हैं, जो इसे 41 से 44 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार देते हैं। यह जहाज समुद्र में लगातार 40 दिनों तक रह सकता है, और इसमें 60 से 100 से ज्यादा क्रू सदस्य तैनात हो सकते हैं।

हथियारों से लैस है यह पाकिस्तानी युद्धपोत

पीएनएस हुनैन पर कई तरह के आधुनिक हथियार लगाए जा सकते हैं। इसमें एक 30 मिमी असेलसान स्मैश रिमोट वेपन स्टेशन और एंटी-शिप व लैंड अटैक क्षमता के लिए दो चार-सेल हरबह एसएसएम लॉन्चर शामिल हैं। करीबी सुरक्षा के लिए 20 मिमी फालैक्स सीआईडब्ल्यूएस जैसी प्रणाली भी मौजूद है। इसमें हेलीकॉप्टर और यूएवी रखने की सुविधा भी है।

पाकिस्तानी नौसेना की सावधानी पर उठे सवाल

पीएनएस हुनैन ने मारी टक्कर की इस घटना ने पाकिस्तानी नौसेना की सावधानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। भारतीय पक्ष के मुताबिक, पाकिस्तानी जहाज ने चेतावनी के बावजूद तेज रफ्तार से खतरनाक पैंतरेबाजी की। 1991 का समझौता खासतौर पर इसी तरह के जोखिम को कम करने के लिए बनाया गया था।

आगे क्या हो सकता है इस मामले का असर

पीएनएस हुनैन नया जहाज है, जिसे पाकिस्तान नौसेना ने अपनी समुद्री क्षमताओं को बढ़ाने के लिए शामिल किया था। टक्कर के बाद जहाज की स्थिति को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। राजनयिक जानकारों का मानना है कि दोनों पक्षों को समुद्री समझौतों का पूरी तरह सम्मान करना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

भारत-पाकिस्तान समुद्री सीमा पर पहले भी रहा है तनाव

पीएनएस हुनैन ने मारी टक्कर की यह घटना कोई पहला मौका नहीं है जब भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के बीच समुद्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हो। अरब सागर एक ऐसा क्षेत्र है जहां दोनों देशों की नौसेनाएं अक्सर एक-दूसरे के करीब गश्त करती रहती हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच स्थापित समझौतों और प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन ही इस तरह के खतरों को कम करने का सबसे कारगर तरीका है।

भारतीय नौसेना की तैयारी और सतर्कता

पीएनएस हुनैन ने मारी टक्कर की इस घटना के बाद भारतीय नौसेना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह किसी भी आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहती है। भारतीय कप्तान की सूझबूझ और संयम ने न सिर्फ एक बड़े हादसे को टाला, बल्कि यह भी दिखाया कि भारतीय नौसेना अपने जवानों और उपकरणों की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीर है। रक्षा मामलों के जानकारों का यह भी मानना है कि इस तरह की घटनाएं दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद को और मजबूत करने की जरूरत को रेखांकित करती हैं।

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