कानपुर। अपनी मांगों को लेकर पिछले तीन वर्षों से संघर्ष कर रहे छात्र सचिन चंद्रा के समर्थन में छात्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलनकारियों ने पुलिस पर छात्र के साथ कथित मारपीट और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आंदोलन कर रहे छात्रों का आरोप है कि सत्याग्रह के दौरान सचिन चंद्रा के साथ पुलिस ने कथित तौर पर मारपीट की। आरोप यह भी लगाया गया है कि डीसीपी पीआरओ निखिल शर्मा ने उसके साथ जातिगत आधार पर दुर्व्यवहार किया और कथित रूप से मुंह में पिस्टल डालकर धमकाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
छात्रों का कहना है कि सचिन चंद्रा लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में उनके साथ कथित पुलिस उत्पीड़न का मामला गंभीर है और इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
आंदोलनकारियों ने मांग की है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। छात्रों ने यह भी कहा कि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
मामले में कांग्रेस ने भी छात्र आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर छात्रों की मांगों का समर्थन किया।
फिलहाल पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट: विपिन सागर, कानपुर









