सिद्धार्थनगर में जनगणना 2027 की तैयारी तेज, 6 हजार प्रगणकों और सुपरवाइजरों को मिलेगा प्रशिक्षण

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सिद्धार्थनगर में जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जनगणना के दूसरे चरण को सफल बनाने के लिए जिले में करीब 6 हजार प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, 16 नवंबर से 30 नवंबर तक स्व-गणना होगी, जबकि 1 दिसंबर 2026 से घर-घर जाकर जनगणना की प्रक्रिया शुरू होगी। खास बात यह है कि जनगणना के दौरान लोगों से कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा। प्रशासन ने जनपदवासियों से सही जानकारी देने और इस राष्ट्रीय अभियान में सहयोग करने की अपील की है।

सिद्धार्थनगर में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। तहसील नौगढ़ समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, नागरिकों से जानकारी जुटाने और डिजिटल माध्यम से आंकड़े दर्ज करने की जानकारी दी जा रही है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक घर-घर जाकर जनगणना की जाएगी। वहीं, 5 जनवरी से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण का कार्य प्रस्तावित है।

अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव के मुताबिक, जनगणना के दौरान 40 सवालों के माध्यम से आवश्यक जानकारियां जुटाई जाएंगी। प्रगणक लोगों से प्राप्त जानकारी को पोर्टल पर दर्ज करेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में किसी व्यक्ति से कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा। साथ ही, जनगणना को लेकर लोगों के मन में मौजूद भ्रम और सवालों का समाधान भी किया जाएगा।

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने बताया कि जनगणना के पहले चरण का कार्य पूरा हो चुका है और दूसरे चरण की तैयारियों के तहत जिले में करीब 6 हजार प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब जनगणना कर्मचारी उनके घर पहुंचें, तो उन्हें सही और पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं।

16 नवंबर से स्व-गणना, 1 दिसंबर से घर-घर पहुंचेगी टीम; जनगणना के दौरान दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे

सिद्धार्थनगर, 24 अक्टूबर। जनगणना 2027 के दूसरे चरण को सफल बनाने के लिए सिद्धार्थनगर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में करीब 6 हजार प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, लोगों से जानकारी जुटाने और डिजिटल पोर्टल पर आंकड़े दर्ज करने की जानकारी दी जा रही है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना की प्रक्रिया चलेगी। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक घर-घर जाकर जनगणना की जाएगी। वहीं, 5 से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण का कार्य होगा। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की घोषित समय-सारिणी के अनुरूप है। <

अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव के अनुसार, जनगणना के दौरान 40 सवालों के जरिए जरूरी जानकारियां जुटाई जाएंगी। प्रगणक लोगों से प्राप्त जानकारी को पोर्टल पर दर्ज करेंगे। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में लोगों से कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा। जनगणना को लेकर लोगों के मन में मौजूद भ्रम और सवालों का समाधान भी किया जाएगा।

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने बताया कि जनगणना के पहले चरण का कार्य पूरा हो चुका है। दूसरे चरण की तैयारियों के तहत कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि जनगणना कर्मचारी घर पहुंचें, तो उन्हें सही और पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं।

प्रशासन का उद्देश्य जनगणना की प्रक्रिया को व्यवस्थित और सुचारु ढंग से पूरा करना है। अधिकारियों ने लोगों से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में सहयोग करने की अपील की है।

 

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