लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में समाजवादी पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को निशाना बनाते हुए लगाए गए पोस्टरों से सियासी हलचल तेज हो गई है। लखनऊ, बलिया, मऊ, गाजीपुर, आजमगढ़, वाराणसी, बस्ती, हरदोई और सीतापुर समेत कई जिलों में लगे इन पोस्टरों में सपा सरकार के कार्यकाल को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
पोस्टरों में अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी और आजम खान की तस्वीरें लगाकर सपा पर माफिया संरक्षण का आरोप लगाया गया है। एक पोस्टर पर लिखा है, ‘सपाइयों का क्या भरोसा, चाय, समोसा, रस मलाई, सारे माफिया अपने भाई।’
पोस्टरों में वर्ष 2013 की यूपीपीसीएस भर्ती का जिक्र करते हुए 86 में से 56 पदों पर एक जाति विशेष के लोगों के चयन का दावा किया गया है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इसके अलावा सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए ‘दाल चावल और अचार, पार्टी मतलब एक परिवार’ जैसे नारे लिखे गए हैं।
पोस्टरों में मुजफ्फरनगर दंगों, अखिलेश यादव की इफ्तार पार्टी और कब्रिस्तान की बाउंड्री के लिए कथित तौर पर 200 करोड़ रुपये आवंटित किए जाने का भी जिक्र है। इन पोस्टरों के जरिए पूर्ववर्ती सपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए गए हैं।









