गड़ौरा बाजार। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के वाइब्रेंट विलेज के ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सशस्त्र सीमा बल की ओर से नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत रोजगारोन्मुखी एवं कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। 28 सितंबर 2026 को कलावती देवी इंटरमीडिएट कॉलेज, गड़ौरा बाजार के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ 22वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, महराजगंज के कमांडेंट श्री शक्ति सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में हुआ।
कार्यक्रम में सीमा क्षेत्र के कुल 60 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण से जोड़ा गया। समवय ठूठीबारी के कार्यक्षेत्र में आने वाले वाइब्रेंट विलेज की 30 महिलाओं एवं युवतियों के लिए 21 दिवसीय ब्यूटिशियन प्रशिक्षण तथा समवय बरगदवा के क्षेत्र के 30 युवाओं के लिए 15 दिवसीय मोटर ड्राइविंग प्रशिक्षण शुरू किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उप कमांडेंट श्री शशांक राय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कौशल विकास के महत्व पर प्रकाश डाला और अनुशासन, नियमितता तथा लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रोजगारपरक प्रशिक्षण से स्थानीय नागरिकों को अपनी रुचि और आवश्यकता के अनुसार हुनर विकसित करने का अवसर मिलता है, जिससे वे स्वरोजगार स्थापित कर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं।
ब्यूटिशियन प्रशिक्षण में महिलाओं एवं युवतियों को ब्यूटी और वेलनेस क्षेत्र से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक कौशल सिखाए जाएंगे। वहीं मोटर ड्राइविंग प्रशिक्षण में युवाओं को वाहन संचालन से संबंधित आवश्यक व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि सीमा सुरक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती नागरिकों के कल्याण और विकास के लिए भी लगातार कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं को कौशल विकास एवं रोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
इस अवसर पर सहायक कमांडेंट हेमंत कुमार, निरीक्षक अरुण पांडेय, मुख्य आरक्षी दिनकर कुमार मिश्रा, आरक्षी राजेश तिवारी सहित एसएसबी कर्मी, ग्राम प्रधान, स्थानीय पत्रकार, ग्रामीण और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्रशिक्षण शुरू होने से प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला।









