कुशीनगर। नेबुआ नौरंगिया थाने में तैनात रहे निलंबित उपनिरीक्षक संदीप यादव के खिलाफ विवेचना में कथित लापरवाही से जुड़ी शिकायत की जांच शुरू हो गई है। मामले की जांच की जिम्मेदारी सीओ कसया डॉ. अजय कुमार सिंह को सौंपी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और रिपोर्ट के आधार पर निलंबित उपनिरीक्षक के खिलाफ आगे विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि पुलिस अधीक्षक केशव कुमार की जनसुनवाई के दौरान एक महिला और बुजुर्ग ने उपनिरीक्षक संदीप यादव के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत में विवेचना के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया था। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने मामले की प्रारंभिक जांच कराई।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए गए थे। हालांकि, उधार लिए गए रुपये से जुड़े मामले में परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की ओर से कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई।
इसके बाद एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को उपनिरीक्षक संदीप यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है। साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच सीओ कसया को सौंपी गई है।
सीओ कसया ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान शिकायत से जुड़े सभी तथ्यों, विवेचना की प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि निलंबित दारोगा के खिलाफ विभागीय स्तर पर आगे क्या कार्रवाई की जाए।
एसपी केशव कुमार ने कहा कि भ्रष्टाचार और पुलिस कार्यप्रणाली में अनियमितता के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है। जांच में यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।









