ललितपुर में 51 फीट के रावण सहित कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन, जय श्रीराम के नारों से गूंजा परिसर
ललितपुर। विजयदशमी के पावन पर्व पर ललितपुर में 140 साल पुरानी ऐतिहासिक रामलीला और रावण दहन की परंपरा का निर्वहन किया गया। इस अवसर पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया गया। भव्य आयोजन का साक्षी बनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
कार्यक्रम में 51 फीट ऊंचे रावण, 45 फीट ऊंचे कुंभकरण और 45 फीट ऊंचे मेघनाद के पुतले आकर्षण का केंद्र रहे। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के स्वरूप ने तीर चलाकर तीनों पुतलों का दहन किया। पुतलों में आग लगते ही पूरा परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों के बीच लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
इस भव्य आयोजन में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री मनोहर लाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, जिलाधिकारी सत्य प्रकाश और पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेई सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए।
ललितपुर की यह ऐतिहासिक रामलीला और रावण दहन की परंपरा करीब 140 वर्षों से चली आ रही है। यह आयोजन जिले की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर साल विजयदशमी के अवसर पर दूर-दूर से लोग इस परंपरा को देखने पहुंचते हैं।
इस वर्ष भी रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों के दहन के साथ दशहरा उत्सव संपन्न हुआ और लोगों को बुराई छोड़कर अच्छाई के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।
रिपोर्टर: राहुल साहू
स्थान: ललितपुर








