परिजनों ने पुलिस-प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप ।
वृंदावन। मथुरा-वृंदावन दर्शन के उद्देश्य से अपने परिवार के साथ आए एक 18 वर्षीय अग्निवीर की यमुना नदी में डूबने से दर्दनाक हादसा हो गया। घटना वृंदावन स्थित जुगल घाट की है, जहां रविवार को स्नान के दौरान गहरे पानी में चले जाने से युवक डूब गया।
पुलिस और गोताखोर टीम के समय पर न पहुंचने का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार ने स्थानीय प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्यक्त किया है।मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड निवासी 18 वर्षीय अग्निवीर हर्ष बिष्ट पुत्र रणजीत सिंह बिष्ट अपने भाई-बहनों समेत कुल छह परिजनों के साथ रविवार सुबह धार्मिक यात्रा पर मथुरा पहुंचे थे।
सभी ने सबसे पहले बरसाना स्थित श्री राधारानी मंदिर में दर्शन-पूजन किया।इसके बाद सभी श्रद्धालु दर्शन हेतु वृंदावन आए और यमुना नदी के जुगल घाट पर स्नान करने लगे।इसी दौरान हर्ष बिष्ट का संतुलन बिगड़ गया और वह यमुना के गहरे जल में समा गया।
हर्ष को डूबता देख परिजनों में चीख-पुकार मच गई। घाट के समीप मौजूद एक बाबा ने त्वरित तत्परता दिखाते हुए पानी में कूदकर युवक को बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण वह उसे बाहर नहीं निकाल सके।घटना के बाद डूबे अग्निवीर की बहन ने स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
बहन का आरोप है कि घटना के चार घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस प्रशासन की ओर से बचाव के लिए कोई आधिकारिक गोताखोर या रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं भेजी गई। वर्तमान में स्थानीय नाविक अपने स्तर पर स्टीमर की मदद से यमुना में डूबे अग्निवीर की तलाश में जुटे हुए हैं।
संवाददाता वेद प्रकाश सारस्वत









