मथुरा में युवक की मौत पर परिजनों का आक्रोश

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जमुनापार थाना प्रभारी को लाइन हाजिर करने की मांग, नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की उठाई आवाज

मथुरा। जनपद मथुरा में राजन उर्फ राजेश की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। मृतक के परिजनों ने जमुनापार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए थाना प्रभारी को तत्काल लाइन हाजिर करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मृतक के छोटे भाई पूरन सिंह ने अपने बड़े भाई के साथ कथित मारपीट और उसकी मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों ने मामले में नामजद लोगों की गिरफ्तारी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

5 अक्टूबर से लापता था राजन उर्फ राजेश

परिजनों के मुताबिक, राजन उर्फ राजेश पुत्र सामल सिंह, निवासी गांव सिहोरा, 5 अक्टूबर से लापता था। मृतक के छोटे भाई पूरन सिंह का आरोप है कि 5 अक्टूबर को जमुनापार क्षेत्र में एक ठेके पर उनके बड़े भाई की कुछ लोगों से कहासुनी हुई थी। आरोप है कि इसी दौरान उनके सिर पर पाना मारकर हमला किया गया।

पूरन सिंह ने इस घटना में भोला पुत्र राम सिंह, रवि पुत्र नर्सिंग, विष्णु पुत्र नरेंद्र सिंह और नवनी पुत्र पूरन सिंह, निवासी गांव सिहोरा, के नाम लेते हुए मारपीट में शामिल होने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

डायल 112 पर सूचना देने के बाद दोबारा मारपीट का आरोप

पूरन सिंह के अनुसार, घटना के दौरान उनके भाई ने किसी तरह अपनी जान बचाई और डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद उन्हें थाने जाने के लिए कहा गया। आरोप है कि जब राजन बाइक से वापस आ रहा था, तभी रास्ते में उसे घेर लिया गया और उसके साथ दोबारा मारपीट की गई।

परिवार का दावा है कि इस घटना के बाद राजन की मौत हो गई। बाद में थाना शेरगढ़ क्षेत्र में उसका शव मिलने की जानकारी सामने आई। परिजनों का कहना है कि उनके भाई का अंतिम संस्कार अज्ञात व्यक्ति के रूप में कर दिया गया। परिवार ने सवाल उठाया है कि उन्हें शव क्यों नहीं सौंपा गया और उन्हें समय पर जानकारी क्यों नहीं मिली। इन परिस्थितियों को लेकर परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

जमुनापार थाना प्रभारी पर सुनवाई नहीं करने का आरोप

मृतक के परिजनों ने जमुनापार थाना प्रभारी पर उनकी शिकायत नहीं सुनने का आरोप लगाया है। पूरन सिंह और अन्य परिजनों के मुताबिक, वे दो से तीन दिनों तक थाना प्रभारी के पास अपनी बात लेकर पहुंचे, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का यह भी कहना है कि उन्होंने सीओ से संपर्क किया था, लेकिन उन्हें अपेक्षित कार्रवाई होती दिखाई नहीं दी।

सीओ संजीव कुमार से मिले ग्रामीण, कार्रवाई की मांग

जानकारी के मुताबिक, 10 अक्टूबर की रात ग्रामीणों ने सीओ संजीव कुमार से बातचीत की। इस दौरान ग्रामीणों ने जमुनापार थाना प्रभारी को तत्काल लाइन हाजिर करने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नामजद आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग उठाई।

परिजनों का कहना है कि उन्हें लगातार आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें न्याय की दिशा में ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जांच कर आरोपों के आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

मौत की परिस्थितियों और पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

राजन उर्फ राजेश की मौत के मामले में अब कई सवाल उठ रहे हैं। परिजन जानना चाहते हैं कि राजन की मौत किन परिस्थितियों में हुई, शव की पहचान और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया कैसे हुई तथा उनकी शिकायत पर समय रहते क्या कार्रवाई की गई। वहीं, जमुनापार पुलिस पर लगाए गए आरोपों को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

फिलहाल, परिजनों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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