पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर ()। शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन मंगलवार को नगर के विभिन्न देवी मंदिरों में मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मंदिरों में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने मां के दर्शन किए। भक्तों ने पुष्प, नारियल, चुनरी और प्रसाद अर्पित कर माता का आशीर्वाद लिया। इस दौरान मां दुर्गा के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठे और वातावरण भक्तिमय बना रहा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा का स्वरूप साहस, शक्ति और निर्भयता का प्रतीक है। उनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित होने के कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। मान्यता है कि मां की आराधना से भक्तों को साहस और संकटों का सामना करने की शक्ति मिलती है।
नवरात्रि के तीसरे दिन श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। भक्तों ने मां से परिवार में सुख-शांति और सभी के कल्याण की प्रार्थना की। पूजा-अर्चना और जयकारों के बीच नगर के मंदिरों में दिनभर भक्ति का माहौल बना रहा।









