अलीगढ़। जिले को दहला देने वाले बहुचर्चित 2021 जहरीली शराब कांड से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। इस कांड के मुख्य आरोपी सुधीर चौधरी की संपत्ति को कुर्क करने पहुंची तहसील प्रशासन की टीम को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। टीम और ग्रामीणों के बीच जमकर नोकझोंक और हंगामा हुआ, जिसका वीडियो भी सामने आया है। हंगामे के चलते तहसील की टीम को बिना कोई कार्रवाई किए ही बैरंग वापस लौटना पड़ा।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने शराब कांड के मुख्य आरोपी सुधीर चौधरी की संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किए थे। आदेश के तहत आरोपी की गाटा संख्या 74 की जमीन को कुर्क किया जाना था।
इसी आदेश के अनुपालन में शुक्रवार को तहसील की टीम रोरावर थाना क्षेत्र के शाहपुर कुतुब नीवरी गांव पहुंची।
जैसे ही टीम ने जमीन की पैमाइश और कुर्की की कार्रवाई शुरू की, वहां मौजूद स्थानीय लोगों और परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने लगाया गलत गाटा कुर्क करने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि तहसील की टीम गाटा संख्या 74 की जगह गाटा संख्या 76 की प्रॉपर्टी को कुर्क कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गाटा संख्या 76 आरोपी की नहीं बल्कि किसी और की है, और प्रशासन जानबूझकर या लापरवाही में गलत जमीन पर कार्रवाई कर रहा है।
इसको लेकर ग्रामीणों और तहसील टीम के बीच तीखी बहस और नोकझोंक हो गई। देखते ही देखते मामला हंगामे में बदल गया। ग्रामीणों के कड़े विरोध के आगे प्रशासन की टीम को पीछे हटना पड़ा।
पृष्ठभूमि: 2021 का काला अध्याय
गौरतलब है कि साल 2021 में अलीगढ़ में जहरीली शराब पीने से 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें अलीगढ़ के अलावा आसपास के जिलों के लोग भी शामिल थे। इस मामले ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया था। पुलिस जांच में सुधीर चौधरी को इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी बताया गया था। तभी से आरोपी की संपत्ति जब्त करने और कुर्की की कार्रवाई लगातार चल रही है।
फिलहाल, हंगामे के बाद तहसील प्रशासन ने कार्रवाई को रोक दिया है। अधिकारियों का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड की दोबारा जांच कर सही गाटा संख्या का सत्यापन किया जाएगा, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट- शशि गुप्ता









