स्थान: कुशीनगर
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) संविदा कर्मचारी संघ के प्रादेशिक आह्वान पर कुशीनगर में दूसरे दिन भी संविदा कर्मियों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी रहा। कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए पूर्ण कार्य बहिष्कार किया। हालांकि, आकस्मिक स्वास्थ्य सेवाओं को इससे अलग रखा गया।
धरने के चलते जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), जिला संयुक्त चिकित्सालय और टीबी अस्पताल सहित विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण, ओपीडी, पैथोलॉजी जांच, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की सेवाएं प्रभावित रहीं।
संघ के जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि संविदा कर्मचारी पिछले 15 से 18 वर्षों से अल्प मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान भी कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि 12 अक्टूबर से लखनऊ के इको गार्डन में ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ आंदोलन शुरू किया जाएगा। वहीं, गोरखपुर मंडल अध्यक्ष एवं जिला संरक्षक चन्द्रशेखर यादव ‘लड्डू’ को आंदोलन के लिए गठित 20 सदस्यीय एडवाइजरी बोर्ड में नामित किया गया है।
एक दर्जन संगठनों ने दिया समर्थन
धरने को कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल संघ, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन, डिप्लोमा लैब टेक्नीशियन संघ, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद और अन्य कर्मचारी संगठनों ने समर्थन दिया। प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए आंदोलन में सहयोग का भरोसा दिलाया।
धरने में जिलामंत्री राजू यादव, जिला उपाध्यक्ष डॉ. एस.के. सिंह, डॉ. मनोज राय, संजीव जायसवाल सहित सैकड़ों कर्मचारी शामिल रहे।
मुख्य मांगें: नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और संविदा कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान।









