कलकत्ता से आए कारीगरों ने गणेश प्रतिमाओं को दिया आकर्षक रूप

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प्रतापगढ़। गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर प्रतापगढ़ में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। शहर और आसपास के इलाकों में जगह-जगह गणेश पूजा के लिए पंडाल सजाए जा रहे हैं। वहीं, गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे कारीगरों की मेहनत भी देखने को मिल रही है। खास बात यह है कि प्रतिमाएं तैयार करने के लिए कलकत्ता से कारीगर करीब चार माह पहले ही प्रतापगढ़ पहुंच जाते हैं।

शहर के चिलबिला स्थित हनुमान मंदिर के पास कारीगर गणेश प्रतिमाओं को आकार देने और उन्हें रंग-रोगन कर आकर्षक रूप देने में जुटे हैं। कारीगर शोभिक पाल ने बताया कि प्रतिमा बनाने का काम उनके परिवार की दूसरी पीढ़ी कर रही है। उनके पिता पिछले करीब 40 वर्षों से प्रतापगढ़ में मूर्तियां बनाने का काम करते आ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि उनके परिवार द्वारा भगवान गणेश के साथ ही नवदुर्गा, मां लक्ष्मी और भगवान कार्तिकेय की प्रतिमाएं भी तैयार की जाती हैं। इसी काम से उनका परिवार अपना भरण-पोषण करता है। कारीगरों के मुताबिक अब तक 24 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा तैयार की जा चुकी है, जबकि 16 फीट ऊंची एक अन्य प्रतिमा को रंग-रोगन कर अंतिम रूप दिया जा रहा है।

कारीगरों ने बताया कि प्रतिमाओं की कीमत करीब चार हजार रुपये से शुरू होकर 60 हजार रुपये तक जाती है। विशेष ऑर्डर पर इससे अधिक कीमत की बड़ी और आकर्षक प्रतिमाएं भी तैयार की जाती हैं। गणेश उत्सव की तैयारियां पूरी होने के बाद कारीगर करीब चार माह के प्रवास के पश्चात वापस कलकत्ता लौट जाते हैं, जहां वे अपने अन्य काम में जुटते हैं।

 

प्रेम मिश्रा, प्रतापगढ़

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