कुशीनगर। तमकुहीराज क्षेत्र के एपी तटबंध स्थित चैनपट्टी ततवा टोले के पास टूटे तटबंध का गुरुवार को मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर टूटे तटबंध को बंद करने के लिए चल रहे बचाव कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि युद्धस्तर पर काम कर जल्द से जल्द तटबंध को पूरी तरह बंद किया जाए।
निरीक्षण के दौरान बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने मंत्री के सामने राहत सामग्री, भोजन और बिजली सहित कई समस्याएं खुलकर रखीं। मंत्री के पहुंचने पर तटबंध पर मौजूद ग्रामीणों ने उनसे अपने घरों और बाढ़ से हुए नुकसान को देखने का आग्रह किया। ग्रामीणों ने कहा आप चलकर हमारे घरों को देखिए, तभी आपको वास्तविक स्थिति का पता चलेगा।
इस पर मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि वह केवल फोटो खिंचाने के लिए नहीं आए हैं, बल्कि काम करने और लोगों की समस्याओं का समाधान कराने आए हैं। उन्होंने कहा, हम आ गए हैं, हम लोग काम करते हैं। गूगल पर फोटो डालकर पता कर लीजिए। मंत्री की इस बात पर मौके पर मौजूद महिलाओं ने बिजली की समस्या बताते हुए कहा कि बिजली नहीं होने के कारण उनके मोबाइल तक चार्ज नहीं हो पा रहे हैं।
महिलाओं ने कहा कि बिजली की समस्या से बाढ़ के दौरान परेशानी और बढ़ गई है तथा परिजनों से संपर्क करने में भी दिक्कत होती है। महिलाओं और ग्रामीणों की बात सुनने के बाद मंत्री ने कहा कि मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उनके कार्यकर्ता भी मौजूद हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रामीणों की प्रत्येक समस्या को सुना जाएगा और उसका समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन के लोगों के अलावा हमारे कार्यकर्ता भी यहां मौजूद हैं, हर समस्या का निदान किया जाएगा।
*20 दिनों से बिजली नहीं मिलने की शिकायत*
ग्रामीणों ने मंत्री के सामने करीब 20 दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या भी प्रमुखता से उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से भी 24 घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल करने की बात कही गई थी, लेकिन इसके बावजूद कई प्रभावित क्षेत्रों में अभी तक बिजली नहीं पहुंची है।
ग्रामीणों ने कहा कि बाढ़ के बीच बिजली नहीं होने से पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी परेशानियां बढ़ गई हैं। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से बिजली आपूर्ति की स्थिति की जानकारी ली और समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
*राहत सामग्री नहीं मिलने की शिकायत*
ग्रामीणों ने राहत सामग्री नहीं मिलने की शिकायत भी की। उनका कहना था कि बाढ़ से प्रभावित होने के बावजूद कई परिवारों तक अभी तक राशन और अन्य राहत सामग्री नहीं पहुंची है। मंत्री ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी पात्र परिवार को राहत से वंचित न किया जाए।
इसी दौरान जवही दयाल के एक ग्रामीण ने मंत्री से शिकायत की कि उन्हें राशन और पका हुआ भोजन नहीं मिल रहा है। ग्रामीण अपनी बात मंत्री के सामने रख ही रहा था कि वहां मौजूद विधायक की ओर से युवक पर नाराजगी जताई गई। इस पर मंत्री ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए कहा, “अगर लोग कहते हैं तो कुछ तो सच्चाई होगी।” उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की शिकायतों को दबाने के बजाय उनकी समस्या का समाधान किया जाना चाहिए।
मंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनकी टीम और प्रशासन हर संभव मदद करेगा। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों में राशन और पका-पकाया भोजन पहुंचाया जाएगा और किसी परिवार को भूखा नहीं रहने दिया जाएगा।
*ग्रामीण ने कहा मुसीबत के समय कहां थी मदद*
वहीं जवही दयाल निवासी सैन्दुल शाहनी ने भी मंत्री के सामने अपनी नाराजगी रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपनी समस्या विधायक के सामने रखी तो विधायक नाराज हो गए। ग्रामीण ने कहा कि अब पानी कम हो रहा है, ऐसे में लोग धीरे-धीरे अपनी व्यवस्था खुद कर लेंगे, लेकिन जब बाढ़ का पानी अधिक था और लोग मुसीबत में थे, उस समय सहायता की जरूरत थी।
उन्होंने कहा कि मंत्री के आने के बाद आज भोजन और पानी की व्यवस्था कराई गई है, लेकिन इससे पहले जब लोग सबसे अधिक परेशानी में थे, तब मदद कहां थी। ग्रामीण की बात सुनने के बाद मंत्री ने भरोसा दिलाया कि राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जाएगी।
*मंत्री ने पीड़ितों में बांटी राहत सामग्री*
निरीक्षण के बाद कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण भी किया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनका हाल जाना और उनकी समस्याएं सुनीं। मंत्री ने कहा कि सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने कहा हम आ गए हैं, अब आपकी समस्याएं दूर होंगी। जिन लोगों को राशन नहीं मिला है, उन्हें भी राशन मिलेगा। सरकार आप सभी के साथ पूरी तरह खड़ी है। उन्होंने बताया कि प्रभावित लोगों के लिए पका-पकाया भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि किसी परिवार को भोजन के लिए परेशान न होना पड़े।
*तटबंध जल्द बंद कराने के निर्देश*
मंत्री ने एपी तटबंध के टूटे हिस्से में चल रहे बचाव एवं मरम्मत कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से तटबंध की मौजूदा स्थिति और अब तक किए गए कार्यों की जानकारी ली। निर्देश दिया कि आवश्यक संसाधन बढ़ाकर टूटे हिस्से को जल्द से जल्द पूरी तरह बंद किया जाए।
उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी रखी जाए और ग्रामीणों की जरूरत के अनुसार राहत सामग्री, भोजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। निरीक्षण के दौरान सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, विधायक डॉ. असीम कुमार राय सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।









