राजस्थान निकाय चुनाव नतीजे आज, 309 सीटों पर मतगणना शुरू, रिसॉर्ट्स में बंद उम्मीदवार

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राजस्थान निकाय चुनाव नतीजे आज सामने आने वाले हैं, और इसे लेकर पूरे राज्य में सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के 309 नगरीय निकायों — यानी नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिका — के लिए दो चरणों में मतदान कराया था, और अब सोमवार सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो रही है।

दो चरणों में हुआ था मतदान, जानिए पूरा शेड्यूल

राजस्थान निकाय चुनाव नतीजे जिस मतदान प्रक्रिया का परिणाम हैं, वह 9 सितंबर 2026 को पहले चरण से शुरू हुई थी। इस चरण में 162 निकायों के लिए वोटिंग हुई थी। इसके बाद 11 सितंबर 2026 को दूसरे चरण में बचे हुए 147 निकायों के लिए मतदान कराया गया, जिनमें जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर और बीकानेर जैसे राज्य के प्रमुख नगर निगम भी शामिल थे। दोनों चरणों को मिलाकर कुल 10,167 वार्डों के लिए वोट डाले गए, जो अपने आप में इस चुनाव के विशाल दायरे को दर्शाता है।

कांग्रेस-बीजेपी उम्मीदवारों को रिसॉर्ट्स में क्यों भेजा गया

नतीजों से ठीक पहले सबसे दिलचस्प घटनाक्रम यह रहा कि दोनों प्रमुख पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवारों को लेकर बेहद सतर्क हो गई हैं। राजस्थान निकाय चुनाव नतीजे आने से पहले हार्स ट्रेडिंग यानी उम्मीदवारों की खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने अपने उम्मीदवारों को अजमेर, पुष्कर और जयपुर के रिसॉर्ट्स में ठहरा दिया है। यह कदम इस बात का साफ संकेत है कि पार्टियों को नतीजों के बाद बहुमत की जोड़तोड़ में किसी भी तरह की सेंधमारी का डर सता रहा है।

सीकर में आज 1767 उम्मीदवारों का फैसला होगा

राजस्थान निकाय चुनाव नतीजे को लेकर सीकर जिले में भी हलचल तेज है। यहां जिले के 14 निकायों में आज मतगणना होनी है। सुबह 8 बजे से अलग-अलग केंद्रों पर वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी, जिसमें जिले के 495 वार्डों के पार्षद पद के लिए कुल 1,767 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। यह आंकड़ा दिखाता है कि स्थानीय स्तर पर मुकाबला कितना कड़ा है।

21 सितंबर को होंगे मेयर-सभापति के चुनाव

राजस्थान निकाय चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद प्रक्रिया यहीं खत्म नहीं होगी। नतीजों के तुरंत बाद 21 सितंबर 2026 को महापौर यानी मेयर, नगर परिषद सभापति और नगरपालिका चेयरमैन के पदों के लिए चुनाव आयोजित किए जाएंगे। इसका मतलब है कि आज के नतीजे सिर्फ पार्षदों की जीत-हार तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि यह तय करेंगे कि किस पार्टी के पास किस शहर में मेयर या चेयरमैन बनाने का बहुमत होगा।

क्यों अहम है यह पूरा निकाय चुनाव

राजस्थान निकाय चुनाव नतीजे राज्य की सियासत के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर जैसे बड़े शहरों में स्थानीय निकाय पर काबिज होना दोनों प्रमुख पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे अक्सर आने वाले बड़े चुनावों से पहले जनता के मूड का संकेत भी माने जाते हैं, इसलिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही इन नतीजों पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।

फिलहाल मतगणना जारी है, और जैसे-जैसे रुझान और नतीजे सामने आएंगे, हम आपको हर बड़ी अपडेट से जोड़ते रहेंगे।

पिछले निकाय चुनावों से कैसे अलग है इस बार का मुकाबला

राजस्थान निकाय चुनाव नतीजे इस बार इसलिए भी खास माने जा रहे हैं क्योंकि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद यह पहला बड़ा स्थानीय चुनाव है। दोनों प्रमुख पार्टियां इसे अपने संगठन की जमीनी पकड़ परखने के मौके के तौर पर देख रही हैं। बीजेपी जहां राज्य सरकार की नीतियों और कामकाज को जनता के सामने कसौटी पर कस रही है, वहीं कांग्रेस इसे विपक्ष में रहते हुए अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने के अवसर के तौर पर देख रही है। कई निर्दलीय उम्मीदवारों और छोटे दलों की मौजूदगी ने भी कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है, जिससे नतीजों को लेकर सस्पेंस और बढ़ गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निकाय चुनावों के नतीजे आने वाले समय में प्रदेश की सियासी दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। खासकर जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे बड़े शहरी केंद्रों में जीत-हार का असर आने वाले वर्षों की राजनीति पर भी पड़ सकता है।

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